स्नेह, संस्कृति और सम्मान का संगम बना पत्थलगांव महाविद्यालय का प्रांगण..पढ़ें पूरी खबर

स्नेह, संस्कृति और सम्मान का संगम बना पत्थलगांव महाविद्यालय का प्रांगण..पढ़ें पूरी खबर

Dipesh rohila
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ठाकुर शोभा सिंह शासकीय महाविद्यालय में स्नेह सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन
पत्थलगांव(दिपेश रोहिला) । ठाकुर शोभा सिंह शासकीय महाविद्यालय पत्थलगांव में स्नेह सम्मेलन तथा प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन गरिमामय एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरा के अनुरूप माँ सरस्वती के पूजन-अर्चन से हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य एवं राष्ट्रीय–अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों से सम्मानित प्रोफेसर दिलीप कुमार अंब्रेला रहे, जबकि अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.के. राय ने की।
सुमधुर राज्य गीत एवं स्वागत गीत से वातावरण संगीतमय हो उठा। इसके पश्चात छात्र संघ प्रभारी प्रो. आर.एस. कांत ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। वार्षिकोत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों ने रंगारंग लोक एवं पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसमें पंथी, करमा, गरबा, सुआ, नागपुरी नृत्य तथा देशभक्ति से ओतप्रोत नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। हिंदी विभाग के विद्यार्थियों द्वारा युवाओं को नशे एवं विभिन्न व्यसनों से दूर रहने का सशक्त संदेश देते हुए प्रस्तुत किया गया हास्य नाटक दर्शकों की खूब सराहना बटोरने में सफल रहा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों, जिन्होंने अपनी-अपनी कक्षाओं में सर्वोच्च अंक अर्जित किए, को गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही क्रीड़ा अधिकारी अविनाश केरकेट्टा के मार्गदर्शन में सेक्टर स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। महाविद्यालय में आयोजित खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भी पदक व प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) एवं एनसीसी इकाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तथा राष्ट्रीय स्तर की गतिविधियों में सहभागिता निभाने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. बी.के. राय ने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ सहशैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करते हुए सर्वांगीण विकास पर बल दिया। मुख्य अतिथि प्रो. डी.के. अंब्रेला ने अपने प्रेरक संबोधन में विषम परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने और लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन प्रो. अनुपमा प्रधान, विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र एवं आईक्यूएससी समन्वयक द्वारा किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ प्राध्यापक एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. टी.आर. पाटले, प्रो. दीप्ति मिंज, प्रो. जे.के. भगत, प्रो. विक्रांत मोदी (विभागाध्यक्ष वाणिज्य), प्रो. मनमोहन किरवानी एवं एनसीसी ऑफिसर प्रो. अरविंद लकड़ा का विशेष योगदान रहा। आयोजन में महाविद्यालय के समस्त स्टाफ नीलम मंडावी, डॉ. शैलेंद्र साहू, डॉ. पूजा बंजारे, डॉ. कृष्ण कुमार पैंकरा, डॉ. संगीता बंजारा, श्रीमती सुबलया प्रधान, कु. पूनम चौहान, श्रीमती गीतांजलि प्रधान, कु. शकुंतला सिदार, अल्पना कुजूर, खेमचंद, कु. गीता भगत, राजेंद्र साव, संजय भगत, सूर्यकांत पटेल, श्रीमती अनिता कुजूर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। रासेयो स्वयंसेवकों एवं एनसीसी कैडेट्स ने व्यवस्था संचालन में सराहनीय भूमिका निभाई।
यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को सम्मानित करने का मंच बना, बल्कि सांस्कृतिक चेतना, अनुशासन और प्रेरणा का सशक्त संदेश भी दे गया।


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