सरस्वती शिशु मंदिर मैदान में उमड़ी भीड़, श्रीराम भक्ति, हिंदू एकता और जाति-भेद मिटाने के संकल्प के साथ निकली भव्य शोभायात्रा
पत्थलगांव (दिपेश रोहिला)। पत्थलगांव नगर के आचार्य भरत बस्ती (बिलाईटांगर) में आयोजित चौथा “विशाल हिंदू सम्मेलन” को अत्यंत भव्य, अनुशासित एवं समरस वातावरण में संपन्न हुआ। नगर को चार बस्तियों में विभाजित कर आयोजित किए जा रहे इन सम्मेलनों की श्रृंखला का यह चौथा और प्रभावशाली आयोजन रहा, जिसमें सर्व समाज की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम पूर्णतः राजनीति से मुक्त रहा और इसका उद्देश्य हिंदू समाज में जागरूकता, एकता तथा सांस्कृतिक चेतना का संचार करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती शिशु मंदिर मैदान में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुआ। इसके पश्चात श्रीराम भक्ति से ओत-प्रोत शोभायात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को राममय कर दिया। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के मुख से “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई”, “जब पूछना बंद करोगे जात, तब बनेगा हिंदू राष्ट्र” और “जाग जाओ हिंदुओं, अब वक्त नहीं है सोने का” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। हर चेहरे पर उत्साह, हर नेत्र में समरसता और हर हृदय में श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा स्पष्ट झलक रही थी।
इस विशाल हिंदू सम्मेलन में सर्व हिंदू समाज के प्रमुखों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में वार्ड क्रमांक 11 की पार्षद ममता यादव, अध्यक्ष के रूप में सिख समाज पत्थलगांव के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह (कुकू) भाटिया तथा मुख्य वक्ता के रूप में सरगुजा विभाग के सह विभाग कार्यवाह अजय मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मुख्यअतिथि ममता यादव ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि यदि भारत को विश्व गुरु बनाना है, तो समाज से जाति-पात का भेद मिटाकर सभी को एकजुट होना होगा। उन्होंने नारी शक्ति की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि जब नारी जागरूक होती है, तो पूरे परिवार में देशभक्ति और संस्कार स्वतः प्रस्फुटित होते हैं।
मुख्य वक्ता अजय मिश्रा ने संघ के पंच परिवर्तन विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों पर अपने विचार रखे। अपने उद्बोधन के अंतिम चरण में उन्होंने सभी उपस्थित जनों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हम सब एक हिंदुत्व की माला में पिरोकर इस भारत भूमि को अखंड और सशक्त हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए सतत प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों द्वारा अयोध्या में विराजमान रामलला पर आधारित सुंदर प्रस्तुति दी गई, वहीं सेवा भारती द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ा दी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी बहनों को सांत्वना पुरस्कार भेंट किए गए। भारत माता की आरती एवं श्रीराम स्तुति के साथ विशाल हिंदू सम्मेलन का समापन हुआ। संपूर्ण वातावरण राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और हिंदू एकता के संकल्प से ओतप्रोत दिखाई दिया। यह सम्मेलन पत्थलगांव नगर में सामाजिक समरसता और हिंदुत्व जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणास्पद कदम के रूप में स्मरणीय बन गया।



