महंगाई भत्ता, वेतन विसंगति, नियमितीकरण और सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने सहित 11 प्रमुख मांगों को लेकर जिले भर में एकजुट हुए कर्मचारी—जशपुर से लेकर पत्थलगांव, कुनकुरी, फरसाबहार और बगीचा तक सौंपे गए ज्ञापन
जशपुर/पत्थलगांव (दिपेश रोहिला)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन, जो प्रदेश के 132 मान्यता प्राप्त एवं गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है, के प्रांतीय आह्वान पर 18 मार्च 2026 को जिला मुख्यालय जशपुर सहित पूरे जिले में कर्मचारियों का व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। कर्मचारियों ने “मोदी की गारंटी लागू करो” की थीम के तहत मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर अपनी लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की। जिला मुख्यालय जशपुर में यह कार्यक्रम जिला महासचिव राजेश अम्बस्ट के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें सोहन राम भगत, संतोष शुक्ला, मनोरा तहसील संयोजक रोहित त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
वहीं पत्थलगांव में जशपुर जिला संयोजक संतोष टांडे के मार्गदर्शन में तहसील संयोजक भीमसेन स्वर्णकार, उप संयोजक अर्जुन रत्नाकर, जूनश एक्का, विनोद साहू, संतोष जाटवार, विवेकानंद मिर्रे और उदे राम राठिया की अगुवाई में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। यहां भी कर्मचारियों में जबरदस्त उत्साह और एकजुटता देखने को मिली। इसी क्रम में कुनकुरी में जिला संगठन सचिव के मार्गदर्शन में तहसील संयोजक अरविन्द मिश्रा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया।
फरसाबहार में फेडरेशन के जिला उपाध्यक्ष श्याम बिहारी चौहान के मार्गदर्शन में तहसील संयोजक देवशरण सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों ने अपनी मांगें रखीं। वहीं बगीचा क्षेत्र में तहसील संयोजक बालदेव ग्वाला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित होकर तहसील मुख्यालय में अनुविभागीय अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
फेडरेशन द्वारा प्रस्तुत 11 सूत्रीय मांगों में शासकीय सेवकों को देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स का भुगतान, 4 स्तरीय वेतनमान लागू करना, 300 दिनों के अर्जित अवकाश का नकदीकरण, लिपिकों, सहायक शिक्षकों और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके साथ ही शिक्षकों की सेवा गणना नियुक्ति तिथि से करने, नि:शर्त अनुकम्पा नियुक्ति देने, पंचायत सचिवों के शासकीयकरण, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं पदोन्नति प्रदान करने, सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, संविदा एवं कार्यभारित कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा आधार बेस्ड अटेंडेंस एवं संविदा नियुक्ति प्रणाली को बंद करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।





